Sunday, September 4, 2022
#रहने_को_घर_नहीं,#सोने_को_बिस्तर_नहीं,#अपना_तो_बस_खुदा_है_रखवाला,अब तक उसी ने है पाला । #सड़क_फिल्म_का_यह_गाना_पीपाड़_निवासी_एक_युवक_पर_फिट_बैठता_है ,जिसे आज तक जरूरतमंद होते हुए भी सरकारी विभागों के सैकड़ों चक्कर काटने के बावजूद भी कोई सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है। #दैनिक_नवज्योति_ब्यूरो_चीफ_एम_हुसैन_डायर की खास रिपोर्ट*
Friday, July 1, 2022
मुख्यमंत्री का दिया हुआ तोहफा,कबूलने वाला कोई नहीं
पीपाड़ सिटी : पीपाड़ सिटी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने दूसरे घर का फर्ज निभाते हुए आज से लगभग दो साल पहले जिला अस्पताल बनाने का तोहफा दिया था लेकिन स्थानीय नेताओं की उदासीनता और लापरवाही के चलते जिला अस्पताल को सुविधाओं का समुचित फायदा आज दिन पीपाड़ सहित आस पास के गांवों के लोगों को नहीं मिल सका है। जब तक राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार है तब तक पीपाड़वासियों को कांग्रेस जन कई सुविधाएं उपलब्ध करवा सकते है लेकिन इन नेताओं की उदासीनता ने पीपाड़ वासियों व आस पास के कई गांवों के लोगों को मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जिला अस्पताल की सुविधाओं का लाभ नहीं दिला पा रहे है। पीपाड़ सिटी के वर्तमान हॉस्पिटल की जगह को देखते हुए ही जिला अस्पताल बनाने की घोषणा की गई लेकिन कुछ नेता कम जगह का बहाना बना कर जिला अस्पताल बनाने की प्रक्रिया में रोड़ा बन रहे है। ऐसे नेता हॉस्पिटल बनने की राह में ही रोड़ा नहीं बन रहे है बल्कि पीपाड़ की जनता के राह में कांटे बिखेर रहे है। अगर ऐसे नेताओं की वजह से पीपाड़ जिला अस्पताल बनने से वंचित रह गया तो पीपाड़ की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। अब तक तो हॉस्पिटल में दो चार करोड़ का काम हो चुका होता लेकिन दुर्भाग्य हैं कि अभी तक जिला अस्पताल के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी है ।
पीपाड़ की जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर कुंडली मार कर बैठने वाले लोगों से पीपाड़ की जनता हिसाब अगले चुनाव में मांगेगी कि अपने निजी स्वार्थ के चक्कर में उनके अधिकारों को क्यों छीना।
अब भी समय है जाग जाओ और पीपाड़ की जनता को उनका हक दिलाने के लिए आगे आ जाओ अन्यथा कुछ समय बाद आपके हाथ में भी कुछ नहीं रहेगा सिवाय पछताने के।
पीपाड़ की जनता भी कुछ हद तक जिम्मेदार है काम नहीं होने के पीछे। क्योंकि जो कोई भी व्यक्ति उनके हक के लिए लड़ता है पीपाड़ की जनता खुल कर उनका साथ नहीं देती है,केवल मूक दर्शक बन कर देखती रहती है कि आगे क्या होगा। अरे पीपाड़ के कर्ण धारों जागो पार्टी पॉलिटिक्स छोड़ों और अपने हक और अधिकारों के लिए लड़ों तभी इस पीपाड़ शहर से जुड़े दर्जनों गांवों के लोगों का कुछ भला हो सकता है अन्यथा समय रूपी सांप निकल जायेगा और हम लकीर पीटते ही रह जायेंगे।
अब इतना ही फिर कुछ खट्टा मीठा अगले ब्लॉग में तब तक के लिए जय हिंद,जय भारत।
मोहम्मद हुसैन डायर
रिपोर्टर एंड ब्लॉगर
पीपाड़ सिटी (जोधपुर)
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